रांची
बोकारो में हुए ट्रेजरी घोटाले को लेकर जांच तेज हो गई है. उत्पाद विभाग के प्रधान सचिव अभिताभ कौशल की अध्यक्षता वाली समिति ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बोकारो डीसी, एसपी और ट्रेजरी से जुड़े अधिकारियों से इस घोटाले की जानकारी ली. जानकारी एक अनुसार, जांच समिति ने निर्देश दिए है कि बीते 6 साल यानी एक अप्रैल 2020 से लेकर 31 मार्च तक के ट्रेजरी से वेतन के नाम पर हुई अवैध निकासी की डिटेल्ड डॉक्यूमेंट तैयार करने. इस अवधि में जांच समिति ने 20 दस्तावेज तैयार करने को कहा है. डिप्टी एजी के आदेश पर दस्तावेज की यह अवधि तय की गई है. इस बात की भी सूचना है कि अगले दो दिनों तक जिले के अधिकारी सभी डाक्यूमेंट्स को एकत्रित कर उसका वेरिफाइड और सर्टिफाइड कॉपी तैयार करेंगे. इसके बाद बोकारो जिले का दौरा अगले सप्ताह समिति करेगी. इस दौरान सभी डाक्यूमेंट्स की विस्तृत जांच की करेगी.

सबसे पहले बोकारो में सामने आया ट्रेजरी घोटाला
बता दें ट्रेजरी घोटाला सबसे पहले बोकारी जिले में सामने आया था. इसमें 9 करोड़ से अधिक की अवैध निकासी की गई थी. इसकी जांच जांच समिति कर रही है. इसमें यह बात सामने आई थी कि पुलिस विभाग के एक लेखापाल द्वारा फर्जी तरीके से रिटायर पुलिसकर्मियों के नाम पर राशि निकाली गई थी. इस मामले में बोकारो पुलिस के लेखापाल कौशल कुमार पांडेय को गिरफ्तार किया जा चुका है. शुरावार को हुई बैठक में बोकारो डीसी, एसपी सहित कोषागार से जुड़े संबंधित अधिकारी उपस्थित थे. वहीं, उच्चस्तरीय जांच समिति में प्रधान लेखाकार द्वारा नामित सदस्य, वित्त विभाग, अंकेक्षण निदेशालय, एनआईसी के अधिकारी शामिल हैं.